12 मार्च 2021 - 17:28
पहली बार, इस्राईली सेना ने बताया कौन है इस्राईल का सब से बड़ा दुश्मन?

एक अभूतपूर्व क़दम उठाते हुए इस्राईली सेना की खुफिया एजेन्सी ने हिज़्बुल्लाह लेबनान के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह का प्रोफाइल प्रकाशित किया है और यह भी कहा है कि वह कई बरसों से हसन नसरुल्लाह की गतिविधियों पर 24 घंटे नज़र रखे है

   इस्राईली समाचार पत्र यदीऊत अहारोनूत ने गुरुवार के अपने संस्करण में इस बात की जानकारी दी है।

     हसन नसरुल्लाह के केस पर काम करने वाले इस्राईली अधिकारियों ने इस समाचार पत्र को बताया है कि उन्होंने हसन नसरुल्लाह के बारे में गोपनीय सूचनाएं एकत्रित की हैं ताकि उनका विश्लेषण करके, उनके आगामी क़दमों को का अनुमान लगाया जा सके ताकि उनसे हम आगे रहे और हमें पहले से उनके अगले क़दम का अनुमान लग जाए।

     एक इस्राईली विश्लेषक ने यदीऊत अहारोनूत से बात चीत करते हुए कहा कि हसन नसरुल्लाह को इस्राईली मीडिया में बहुत अधिक रूचि है और वह हमेशा इस्राईली मीडिया पर नज़र रखते हैं यहां तक कि वह इस्राईल के विश्लेषकों और पत्रकारों को भी बहुत अच्छी तरह से पहचानते हैं। उनका मक़सद, इस्राईली समाज और उसमें होने वाले परिवर्तनों की पूरी जानकारी रखना है।

     इस्राईली सेना की विश्लेषक ने समाचार पत्र को बताया कि यह जानकारियां हम पहली बार प्रकाशित कर रहे हैं और यह उस हस्ती के बारे में है जो सब कुछ अपने हाथ में रखता है और किसी को भी अपने बारे में सूचनाएं नहीं देता क्योंकि उन्हें अपने आस पास के सभी लोगों पर शक होता है। जैसा कि इस्राईली विश्लेषक ने दावा किया है।

इसी तरह इस्राईली खुफिया एजेन्सी की इस विश्लेषक ने बताया है कि हसन नसरुल्लाह स्मार्ट फोन का इस्तेमाल नहीं करते और सारे संदेश और बात चीत अपने सहयोगी शेख नईम क़ासिम द्वारा की करते हैं वह भी आमने सामने की भेंट में उनसे बात करते हैं।

     इस्राईली समाचार पत्र ने इस्राईली सेना द्वारा जारी ब्योरे के अनुसार लिखा है कि हसन नसरुल्लाह की आयु 60 साल है और सन 1992 में उन्होंने महासचिव का पद संभाला था और फिर सन 2006 के युद्ध के बाद से वह एक बंकर में रहकर संगठन को चला रहे हैं। जैसा कि इस्राईली विश्लेषक ने दावा किया है।

     इस्राईली सेना की खुफिया एजेन्सी की इस विश्लेषक ने यदीऊत अहारोनूत को बताया कि हसन नसरुल्लाह की आयु 60 वर्ष है लेकिन फिर भी वह फायज़र या कोई भी अमरीकी कोनोना वैक्सीन लगाने से इन्कार करते हैं लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि हसन नसरुल्लाह ने कौन सा वैक्सीन लगाया है।

     इस्राईली सेना की खुफिया एजेन्सी की इस अधिकारी ने दावा किया है कि ईरान के जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या के बाद से हसन नसरुल्लाह किसी देश के प्रमुख या रक्षा मंत्री या किसी सैन्य कमांडर की तरह व्यवहार करते हैं और हिज़्बुल्लाह के विभिन्न सदस्यों को स्वंय ही विभिन्न राजनीतिक व सैनिक पदों  पर बिठाते हैं।

     इसके  साथ ही इस्राईली सेना की खुफिया एजेन्सी ने अपने बयान में कहा है कि हसन नसरुल्लाह इस्राईल के सब से खतरनाक दुश्मन हैं जिनका पास एसे दसियों हज़ार मिसाइल हैं जो इस्राईल के किसी भी क्षेत्र को बड़ी आसानी से निशाना बना सकते हैं।

     इतना सब कुछ बताने के बावजूद इस्राईली खुफिया एजेन्सी की इस अधिकारी ने यह नहीं बताया कि हसन नसरुल्लाह के बारे  इस्राईली सेना ने सूचनांए प्रकाशित करके मनोवैज्ञानिक युद्ध को ही जारी रखा है।